तो ये है दुनिया की सबसे विशाल शिव की मूर्ति

नई दिल्ली। महाशिवरात्री को भगवान शिव और पारवती की शादी की सालगिरह के रुप में मनाया जाता है। वहीं इस महाशिवरात्रि के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के  कोयंबटूर स्थित वेल्लिंगिरी की पहाड़ियों की तलहटी में ईशा योग फाउंडेशन द्वारा निर्मित ‘आदियोगी’ भगवान शिव की 112 फुट ऊंची आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया।

आपको बता दें कि यह दुनिया की सबसे बड़ी भगवान शिव की मूर्ति है। बता दें कि इसकी ऊंचाई 112 फुट है और वहीं, अगर बात की जाए इसके वजन की तो इसे बनाने में 500 टन वजन के स्टील का प्रयोग किया गया है।

यह भी पढ़ें- आज है भोले का दिन, भूलकर भी ना चढ़ाएं शिवलिंग पर ये चीजे…

सूत्रों के मुताबिक इस विशाल कृति का डिजाइन तैयार करने में लगभग ढ़ाई साल का समय लग गया, जबकि इसे बनाने में 8 महीने की कड़ी मेहनत है। यूं तो शिव के अनेक रूप हैं, लेकिन शिव की यह विशाल प्रतिमा उनके आदियोगी स्वरूप को दर्शाती है। मिली जानकारी के मुताबिक ईशा योग फाउंडेशन तीन अन्य प्रांतो में भी शिव के इसी रूप की इतनी ही विशाल प्रतिमा को स्थापित करने की योजना बना रही है।

यह भी पढ़ें- लाल और पीला रंग से चमकेगी आपकी किस्मत…

आपको बता दें कि शिव की इस विशाल प्रतFमा का जहां धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है वहीं इसका ज्यामितीय महत्व भी है। हालांकि, इसकी ऊंचाई 112 फुट रखने के पीछे भी एक खास वजह है।  दरअसल, शिव ने आदियोगी रूप में मुक्ति के 112 मार्ग बताए हैं। इसी आधार पर इसकी ऊंचाई 112 फुट रखी गई है।

बताया जाता है कि इसे एक खास तरीके से बनाया गया है। शिव के वाहन नंदी को बनाने के लिए महज 6 से 9 इंच के धातु टुकड़ों का प्रयोग किया गया है। भगवान शिव की यह विशाल प्रतिमा खुद में अदभुत हैं। इस प्रतिमा की हर जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *