Interview: डॉ. ज्योति झांगियानी से टैरो रीडिंग पर ख़ास बातचीत, टैरो किस तरह बताते हैं भूत, वर्तमान और भविष्य…

नई दिल्ली, इंज़माम वहीदी। आज हम आपको बॉलीवूड की जानी मानी टैरो रीडर डॉ ज्योति झांगियानी से मिलवाने जा रहे हैं। आपको बता दें कि डॉ. ज्योति झांगियानी ने मुंबई विश्वविद्यालय  से कॉमर्स पोस्ट ग्रेजुएट, रेकी मास्टर, अंकशास्त्र का कोर्स किया हैं, साथ ही उन्होंने गृह विज्ञान और मोंटेसरी में सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है। उन्हें टैरो और हीलिंग में कॉमन वेल्थ वोकेशनल यूनीवर्सीटी (टोंगा) से पीएचडी की डिग्री हासिल है। यह तो हुई डॉ. ज्योति शिक्षा की बात, अब हम आपको बताने जा रहे हैं वह बात जिसके के लिए डॉ. ज्योति अपनी एक अलग पहचान रखती हैं। विश्व आध्यात्मिक एसोसिएशन संयुक्त राज्य अमेरिका की तरफ़ से उन्हें टैरो मास्टर प्रशिक्षक और व्यावसायिक टैरो मास्टर सलाहकार प्रमाणित किया गया है। डॉ. ज्योती झिंज्ञानी ने www.delhitopnews.com  से ख़ास बातचीत की  जिसे हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।

डॉ. ज्योति जी, दिल्ली टॉप न्यूज  दिल्ली एनसीआर में तेज़ी से लोकप्रिय होती वेबसाइट है, आप भी काफी लोकप्रिय है, पाठक जानना चाहते हैं कि टेरो कार्ड किस तरह से भविष्यफल बताते हैं ?

टैरो कार्ड्स का इस्तेमाल लोगों का भूत वर्तमान भविष्य जानने के लिए किया जाता है। कार्ड्स को पढ़कर की जाने वाली भविष्यवाणी को टैरो कार्ड्स रीडिंग कहा जाता है। टैरो कार्ड्स पर कुछ रंगीन चित्र बने होते हैं जिसकी रीडिंग के लिए कार्ड्स का चुनाव किया जाता है। वहीं हम अपनी ऊर्जा को कार्ड में डालते हैं और तालमेल बिठाकर लोगों के भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में बताते हैं।

टैरो कार्ड एक ऐसी प्रणाली है जिसमें गणित का जरा भी प्रयोग नहीं होता, बस अनुमान लगाने की क्षमता सटीक और अचूक होनी चाहिए। टैरो कार्ड रीडिंग के अंतर्गत डेक (ताश के पत्तो) में से उठाए गये कार्ड पर बने चित्रों और संकेतों के क्या अर्थ हैं, वह किस ओर इशारा कर रहे हैं, आपके भविष्य को किस दिशा में मोड़ सकते हैं, के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है। साथ ही वे कार्ड प्रश्नकर्ता की वर्तमान समय और उसकी मानसिक स्थिति भी दर्शाते हैं।

राशिफल, हस्त रेखा, जन्म कुंडली से ये किस तरह से अलग है?

जन्म कुंडली में हर चीज़ की ज़रूरत होती है। जैसे जन्म स्थान, जन्म तीथि, बिना किसी के जन्म तिथी के कुंडली बनाना नामुमकिन है और कुंडली नहीं बनी तो फिर भविष्यवाणी नहीं कर पाएंगे। वहीं हाथ की रेखा समय के साथ बदलती रहती है। हाथों में दिखाई देने वाली रेखाएं और हमारे भविष्य का गहरा संबंध है। इन रेखाओं का अध्ययन किया जाए तो हमें भविष्य में होने वाली घटनाओं की भी जानकारी प्राप्त हो सकती है। वैसे तो हाथों की सभी रेखाओं का अलग-अलग महत्व होता है। किसी व्यक्ति को कितना मान-सम्मान और पैसा मिलेगा यह भी रेखाओं से मालुम हो जाता है। हाथ की रेखा पढ़कर लोग भविष्य बताते हैं। इसे ग़लत तो नहीं कहुंगी लेकिन इतना ज़रूर कहुंगी कि तक़दीर तो उनके भी होते हैं जिनके हाथ नहीं होते।

अब राशिफल की बात करें तो यह भी भविष्यवाणी ही बताती है। लेकिन राशिफल किसी व्यक्ति के लिए नहीं बल्की विशेष राशी के लिए की गई भविष्यवाणी होती है। जो किसी व्यक्ति विशेष नहीं बल्की उस राशी के हर व्यक्ति पर लागू होती है। इसका ये मतलब नहीं कि उस राशी के हर व्यक्ति के साथ वैसा ही हो जैसा की राशिफल में लिखा गया है। राशिफल भविष्यवाणी, टैरो, अंक शास्त्र  और वैदिक आदी में की जाती है।

ज्योतिष में अलग अलग तरह की विधा हैं, इनमें आजकल टेरो कार्ड भी काफी लोकप्रिय है, ये कितना सटीक है बाकी विधाओं से?

भविष्य जानने के लिए जन्म कुंडली, हस्तरेखा और न्यूमरोलॉजी का सहारा लिया जाता है। ज्योतिष की दुनिया में छिपे सवालों का जवाब देने के लिए मौजूद इन सभी विधाओं में एक और विधा भी है जिसे टैरो कार्ड रीडिंग कहा जाता है। 

ताश के पत्तों की तरह दिखने वाले इन टैरो कार्ड के ऊपर कुछ रहस्यमय प्रतीकात्मक चिह्न बने होते हैं जो संबंधित व्यक्ति के साथ भविष्य में होने वाली घटनाओं को बहुत हद तक अनुमानित कर सकते हैं। व्यक्ति के प्रश्नों के एवज में वे कार्ड स्वयं उत्तर देते हैं, जिनके ऊपर उसके साथ होने वाले हालात निर्भर करते हैं।

आप लंबे अरसे से भविष्यफल बताती आ रही हैं, कोई अनुभव हों जिनमें आपकी भविष्यवाणी चर्चित रही हो?

आज से करीब दो साल पहले मी मराठी चैनल पर ज्योति जी को आमंत्रित किया गया था कि वो अपनी अंक ज्योतिष विद्या से बताएं कि प्रधानमंत्री बनने के योगय कौन रहेंगे, राहुल या मोदी ? तब डॉ. ज्योती ने अंक ज्योतिष विदया से यह बताया था की नरेंद्र मोदी के सितारे राहुल गांधी से ज्यादे बुलंद हैं । उन्होंने ने नरेंद्र मोदी की जन्मतिथि देख कर बताया था की नरेंद्र मोदी ही प्रधीनमंत्री बनेंगे। इनकी ये भविष्यवाणी सच साबित हुई थी। जिसकी वीडियो डॉ. ज्योती की वेबसाइट: www.jyotitarot.com or youtube चैनल पर डली हुई है।

हमारे पाठकों को ये भी बताएं कि आप इस क्षेत्र में कबसे सक्रिय हैं, इसके लिए कितनी मेहनत की है और किस तरह आपका अब तक सफर रहा है?

डॉ. ज्योती ने बताया कि वो करीब 9 साल से टैरो रीडिंग कर रही हैं। 80 से 90 फ़ीसदी तक उनकी रीडिंग सही हुई है 100 फिसद इसलिए नहीं कहती हूं क्योंकि मेरी तुलना मैं भगवान से नहीं कर सकती। आपको जानकर हैरानी होगी कि भविष्य की सटीक जानकारी देने वाली टैरो कार्ड रीडिंग की इस विधा को सबसे पहले चौदहवीं शताब्दी में इटली में मनोरंजन के माध्यम के तौर पर अपनाया गया था। लेकिन बहुत ही जल्द यह विद्या यूरोप के बहुत से देशों में फैल गई और धीरे-धीरे इसे मात्र मनोरंजन का साधन ना मानकर भविष्य जानने की गूढ़ विद्या के तौर पर अपना लिया गया। 18वीं शताब्दी तक पहुंचते-पहुंचते टैरो कार्ड रीडिंग इंग्लैंड व फ्रांस में भी बहुत लोकप्रिय हो गई। आजकल इसका प्रभाव हमारे भारत देश में भी बहुत ज्यादे है।

दिल्ली शहर के लिए युवाओं के लिए टेरो कार्ड के ज़रिए कोई संदेश हों तो जरूर शेयर करें

डॉ. ज्योती ने सभी युवाओं को यही संदेश दिया है कि आप अच्छा सोचो और अच्छा करो तो आप सुनिश्चित कामयाबी हासिल करोगे।
टैरो तकदीर और मेहनत का तालमेल है। तक़दीर के भरोसे नहीं आप अपने काम से बड़े बनो।
कर्म करते जाइए फल की मत सोचिए हमेशा पॉज़िटिव और उर्जावान रहिए कामयाबी आपके क़दम चूमेगी। ग़ौरतलब है कि डॉ. ज्योति ज़रूरतमंदो को रैकी हीलिंग की मुफ़्त सेवाएं देती हैं। साथ ही में वह कंसल्टेशन के अलावा इन सब चीज़ो के लिए क्लासेज़ भी देती हैं। आपको बता दें कि 'द स्पीकिंग ट्री' टाइम्स ऑफ़ इंडिया पब्लिकेशन की तरफ़ से डॉ. ज्योति रैकी हीलिंग की सेवाओं के लिए गुड कर्मा अवार्ड से सम्मानित भी की जा चुकीं हैं।

 

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