दिल्ली में कैसे फैट से फिट बनाते हैं गुरू टोनी ?

नई दिल्ली। दिल्ली की सर्दी और रजाई की गरमी – कौन है भला ये छोड़ सके ! जो लोग दिल्ली के हैं वो ये जानते हैं कf रजाई की गर्मी को त्यागना कितना मुश्किल सबब है।इस कहानी कोपढ़ने से पहले आराम की इस पराकाष्ठा को समझना जरुरी भी है !

बात 2016 अक्टूबर की है। सर्दियों ने दिल्ली में पांव पसारने शुरू कर दिए थे । सुबह अचानक 13  साल के पार्थ के कमरे की बत्ती जली और गुरु टोनी ने बड़ी बेदर्दी से उसकी रजाई उस के शरीर से हटा दी । जैसे  मैंने पहले भी लिखा कि इस दर्द को समझाना जरुरी है क्योंकि अगर कुछ पाना है तो दर्द से होकर गुजरना है । दरसल पार्थ सातवीं में पढ़ता था जब घर वालों के लाड़ प्यार ने उसे मोटापे की और धकेल दिया था । माँ चिंता में थी लेकिन विवश थी क्योंकि वो चिंता तो कर सकती थी लेकिन शायद मोटापे से लड़ने का रास्ता नहीं था उसके पास । पार्थ के पिता का एक दोस्त था टोनी जो कि एक ज़बरदस्त क्रिकेटर और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की बास्केटबॉल टीम के कप्तान था । लोग उन्हें प्यार से गुरु टोनी कहते हैं । गुरु टोनी इसीलिए क्योंकि इस व्यक्ति को जूनून है फिटनेस का और हमेशा खिलाड़ियों और आम लोगों को वो फिट रहने की ट्रेनिंग देता है ।

पार्थ के लिए ये किसी बुरे सपने सा था कि कोई सुबह चार बजे भरी सर्दी में उसकी रजाई हटा दे । आँख मली तो सामने टोनी अंकल खड़े थे । पार्थ उन्हें जानता था कि पापा के दोस्त हैं  लेकिन ये भला इस वक़्त मेरे कमरे में क्या करे रहे हैं ।  अभी कुछ बोलता कि एक तेज आवाज कान में गई,तुम्हारे पास 20 मिनट हैं तैयार होकर घर से बाहर मिलो मुझे  – मैं इंतज़ार कर रहा हूँ तुम्हारा और हाँ स्पोर्ट्स शूज और ट्रैक सूट डालकर आना ।

पार्थ के पापा भी खड़े थे और ऐसा लगा जैसे कुछ न कहकर उन्होंने सब कह दिया हो । पार्थ तैयार होने लगा तो पापा ने कहा,आज से ये तुम्हारे फिटनेस गुरु हैं मन लगाकर मेहनत करना ।

घर के बाहर का नज़ारा बेहद डरावना सा था ।काली अँधेरी रात – सुनसान सड़क – कुत्ते भी कही दुबके पड़े थे – हल्का हल्का कोहरा,मानो भूतिया फिल्म सीन हो । गुरु टोनी ने कहा पार्थ आज से एक नया जीवन शुरू हो रहा है। कल तक तो खाया पिया था उसे भूल जाओ और आज से दौड़ लगानी शुरू । गुरु टोनी ने जॉगिंग शुरू कर दी । पार्थ के पास को दूसरा चारा नहीं था – सो वो भी गुरु के पीछे हो लिया  लेकिन भागता कैसे 80 किलो –  ऊपर से सर्दियों के कपड़े और मौसम का मिज़ाज़ भी ऐसा था कि सांस भी मुश्किल में ली जा रही थी । आगे आगे कोच और पीछे पीछे नया चेला ।अभी 20 मीटर भी नहीं भागा था कि साँस ऐसी फूली, लगा कि फेफड़े बाहर आ जायेंगे लेकिन कोच को जरा तरस न आया। मरोगे नहीं – ये पिज़्ज़ा और टिक्की हैं जो परेशान कर रहीं हैं। पहले दिन 500 मीटर भगाकर गुरु टोनी ने पार्थ को छोड़ दिया और कहा कि कल इससे ज्यादा दौड़ना है ।

पार्थ के लिए अगले तीन साल कुछ ऐसी ही थे । शुरूआती दौर में वो किसी तरह गुरु टोनी से दूर भागना चाहता था लेकिन एक दिन गुरुदेव का डंडा टांग पर ऐसा पड़ा किि फिर पार्थ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा । गर्मी, सर्दी, बसंत और बरसात उसने गुरु टोनी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए अपने मोटापे को गलाकर उसंमे से एक स्पोर्ट्स मैन तैयार किया । आज पार्थ अंडर 16  का क्रिकेट खिलाडी है – दिल्ली में अपना नाम कर रहा है – जोनल्स लेवल पर उसने टॉप 8 धावकों में अपनी जगह बनाई है और न जाने कितने मैडल और ट्रॉफियां घर लाया है ।

रिपोर्टर: इतनी फिटनेस किसलिए ?

गुरु टोनी:  शरीर ही अपना सबसे अच्छा दोस्त है – शरीर नहीं तो हम भी नहीं । तो भला इसकी देखरेख हम क्यों न करें । एक कार लेते हैं तो उस पर कितना वक़्त और पैसा

हम लगाते हैं । कार तो दूसरी आ सकती है, शरीर दूसरा नहीं मिल सकता । हम मोटे हैं तो हीन भावना से घिरे रहते हैं । कॉन्फिडेंस लेवल नीचे चला जाता है । फिट इंसान देखने में सुंदर लगता है और हमेशा कॉन्फिडेंस से भरा रहता है ।

रिपोर्टर: क्या सिर्फ दौड़ना फिटनेस है या फिर और भी कुछ करना पड़ता है

गुरु टोनी : दौड़ लगाना सिर्फ एक पहलू है । फिटनेस तो एक नज़रिया है । सबसे पहले खुद से लड़ना पड़ता है क्योंकि आराम छोड़कर फील्ड या जिम जाना एक तपस्या जैसा है । खुद को लगातार मोटीवेट करना पड़ता है । कोच को हमेशा स्टूडेंट्स को हौंसला देना पड़ता है क्योंकि फिटनेस के दौरान दर्द होते हैं ।उस दर्द से ऊपर उठकर खिलाड़ी बनते हैं या फिर फिटनेस का एक लेवल आता है ।

रिपोर्टर:  फिटनेस क्या है ?

गुरु टोनी: शरीर को तंदुरुस्त रखना फिटनेस है । सही खाना खाना फिटनेस है । शरीर की इज़्ज़त करना फिटनेस है । शरीर को मंदिर समझना फिटनेस है  क्योंकि जो इज़्ज़त करेगा वो उसके लिए कुछ करेगा कि वो बीमार न हो जाये । वो ठीक रहे, ये ठीक किसी से प्यार करने जैसा है । हर पल उसका ख्याल ।

रिपोर्टर : अब तक कितने लोगों या बच्चों को फिट कर चुके हैं आप ?

गुरु टोनी :  ठीक से नंबर तो याद नहीं है लेकिन स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की क्रिकेट टीम – बास्केटबाल टीम – कुछ दिल्ली के बड़े क्रिकेट क्लब्स में सैकड़ों खिलाडियों को ट्रेनिंग दी और जारी भी है ।ये तो मेरा जूनून है । जहाँ देखता हूँ बस वहीँ लोगों को फिटनेस मंत्र देता हूँ । लोग अब जिम और ऑनलाइन भी मुझे पकड़ लेते हैं । उनका फिटनेस सिलेबस और डाइट प्लान तैयार करता हूँ ।

रिपोर्टर: क्या फिटनेस के तौर तरीकों में बदलाव होते हैं ?

गुरु टोनी : ये फील्ड तो एक सागर के समान है।अपडेट रहना बहुत जरुरी है । रोज दुनिया में नयी एक्सरसाइज और डाइट प्लान आ रहे हैं । हमें वक़्त के साथ चलना पड़ता है ।

रिपोर्टर : क्या आज भी पार्थ जैसे बच्चों को सुबह चार बजे उठा रहे हैं आप ?

गुरु टोनी: हँसते हुए – दरसल अनुशसान बेहद जरुरी है टाइम नहीं । आप रोज थोड़ा थोड़ा कीजिये, कुछ तो प्रोग्रेस कीजिये । बस यही मेरा मंत्र है ।

रिपोर्टर : थैंक्स गुरु टोनी , उम्मीद है आप लोगों को फैट से फिट करते रहेंगे ।

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